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Scene 1 (0s)

E85 पे�ोल: �कसान�, पया�वरण और आ�म�नभ�र भारत के �लए नई उ�मीद EnergyWorld (The Economic Times) म� �कािशत अपने लेख "E85 Petrol: India's Next Ethanol Step Must Inspire Confidence, Not Concern" म� Triveni Engineering & Industries Ltd. के Vice Chairman एवं Managing Director �ी Tarun Sawhney ने कहा िक भारत म� E85 पे�ोल का िव�तार केवल एक नए ई ंधन क� शु�आत नह�, बि�क िकसान�, पया�वरण और देश क� ऊजा� सुर�ा के िलए एक बड़ा अवसर है।.

Scene 2 (21s)

उ�ह�ने कहा िक एथेनॉल उ�पादन अब केवल ग�ने तक सीिमत नह� रहेगा, बि�क म�का, धान के पुआल (Rice Straw), बैगास (Bagasse) तथा अ�य कृ िष अवशेष� से भी एथेनॉल बनाया जा सकेगा। इससे िकसान� को अित�र� आय िमलेगी, कृिष अवशेष� का बेहतर उपयोग होगा और पराली जलाने जैसी सम�याओं म� भी कमी आएगी।.

Scene 3 (38s)

�ी Sawhney ने इस बात पर िवशेष जोर िदया िक E85 क� सफलता के िलए उपभो�ाओं का िव�ास सबसे मह�वपूण� है। लोग� को इसके लाभ, वाहन अनुकूलता और पया�वरणीय फायद� क� सही जानकारी देना आव�यक होगा। उ�ह�ने कहा िक E85 को केवल वैकि�पक ई ंधन के �प म� नह�, बि�क "Made in India Fuel", ऊजा� आ�मिनभ�रता, �व�छ पया�वरण और रा�� िनमा�ण के अिभयान के �प म� ��तुत िकया जाना चािहए। उ�ह�ने िव�ास �य� िकया िक यिद सरकार, ऑटोमोबाइल उ�ोग, एथेनॉल िनमा�ता और उपभो�ा िमलकर इस िदशा म� काय� कर�, तो E85 भारत क� ह�रत ऊजा� �ांित का अगला मह�वपूण� कदम सािबत होगा और िकसान� क� समृि� के साथ-साथ देश क� अथ��यव�था को भी नई मजबूती िमलेगी।.